Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - January 28, 2013 mere तो गिरिधर गोपाल दूसरौ न कोई।जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति सोई।। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments Unknown1 February 2013 at 00:31 मीरा बाई पर शोध करते -करते मुझे कृष्णा से इतना प्यार हो गया की मेने ये मोर पंख अपने हाथ पर टेटू के रूप में जीवन भर के लिए बनवा लिया है !ReplyDeleteRepliesReplyAdd commentLoad more... Post a Comment
'मध्यकालीन काव्य भाषा का स्वरुप और मीरां की काव्य भाषा' विषय पर मंजू रानी को मिली 'विद्यावाचस्पति' की उपाधि - July 04, 2018 गत 18 नवम्बर 2017 को दिल्ली विश्वविद्यालय का 94 वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. जिसमें मंजू रानी को 'विद्यावाचस्पति' की उपाधि प्रदान की गयी. समारोह की कुछ झलकियाँ प्रस्तुत हैं. Read more
मीरा बाई पर शोध करते -करते मुझे कृष्णा से इतना प्यार हो गया की मेने ये मोर पंख अपने हाथ पर टेटू के रूप में जीवन भर के लिए बनवा लिया है !
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