मीरा में मेरा मन कब लग गया, ये मुझे खुद पता नही, कृष्णा से सब प्रेम करे , मीरा को कोय अन्देख करे , बिना मीरा न जाने कोई गिरिघर , नारी से पहेचाने नर को ये , कोय न रित हम शरू करे,
गत 18 नवम्बर 2017 को दिल्ली विश्वविद्यालय का 94 वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. जिसमें मंजू रानी को 'विद्यावाचस्पति' की उपाधि प्रदान की गयी. समारोह की कुछ झलकियाँ प्रस्तुत हैं.
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