मीरा : मेरी यात्रा, पुस्तक का विमोचन

हिन्दी साहित्य में अप्रतिम स्थान रखने वाली कवियित्री मीरा का नाम बड़े आदर और सम्मान से लिया जाता है. मीरा दर्द की दीवानी,  अपने गुरु के प्रति पूरी भक्ति भाव से भरी हुई समाज की वेदनाओं के सहते हुए एक नया आयाम स्थापित करती हैं. मीरा के साहित्य को लेकर शोध के दौरान मेरे मन में उन पर पुस्तक निकालने की योजना बनी, और उस योजना को मूर्त रूप मिला इस महीने की चार तारीख को जब मीरा मेरी यात्रा पुस्तक का विमोचन हुआ .....इस पुस्तक का विमोचन ननद किशोर राजौरा ने किया . उनके साथ – साथ इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट अथिति उपस्थित थे ....यहाँ पेश हैं कार्यक्रम की कुछ चित्रमयी झलकियाँ ....बाकी विवरण फिर ....!!!    
समारोह की शुरुआत 
पुस्तक का कवर पेज 
पुस्तक का विमोचन
 संपादिका का सम्मान 


Comments

  1. मंजु रानी की यह दूसरी पुस्तक है। इतने कम समय में दो-दो पुस्तकों का प्रणयन इनकी अध्ययनधर्मिता और शैक्षणिक लगनशीलता का परिचायक ही कहा जा सकता है। मुझे ही नहीं बल्कि रानी के सभी मित्रों को यह भरोसा हो जाना चाहिए कि अब मिस रानी की मंजिल दूर नहीं है, उन्होंने अपना लक्ष्य पा सा लिया है और जल्द ही वो उस तक पहुंच भी जायेंगी। रानी के सभी सुधी मित्रों, पाठकों, स्वजनों एवं परिवारीजनों से मेरा निवेदन है कि रानी को आशीर्वाद और सद्प्रेरणा से अभिसिंचित करते रहें ताकि उनकी लेखनी में पैनापन और गतिषीलता सब दिन इसी रूप में बनी रहे। आमीन।

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