Posts

काव्यभाषा और मलूकदास

Image
मीरा मेरी यात्रा पुस्तक के प्रकाशन के बाद मेरी दूसरी पुस्तक आपकी नजर .....आशा है आपका प्रोत्साहन अनवरत रूप से मिलता रहेगा.....आपकी शुभकामनाओं के साथ ...!!!  यह रहा पुस्तक का आवरण:  मलूक दास न तो कवि थे , न दार्शनिक , न धर्मशास्त्री , । वह दीवाने , परवाने है और परमात्मा को उन्होंने ऐसे जाना है जैसे परवाना शमा को जानता है। यह पहचान बड़ी दूर-दूर से नहीं , परिचय मात्र नहीं है वह पहचान अपने को गंवा कर , अपने को मिटा कर होती है। लेकिन मलूक की मस्ती सस्ती बात नहीं है। महंगा सौदा है। सब कुछ दांव पर लगाना पड़ता है। जरा भी बचाया तो चूके। निन्यानवे प्रतिशत दांव पर लगाया और एक प्रतिशत भी बचाया तो चूक गए। क्योंकि उस एक प्रतिशत बचाने में ही तुम्हारी बेईमानी जाहिर हो गयी। निन्यानवे प्रतिशत दांव पर लगाने में तुम्हारी श्रद्वा जाहिर न हुई। मगर एक प्रतिशत बचाने में तुम्हारा काइयाँपन जाहिर हो गया। दांव तो सौ प्रतिशत होता है नहीं तो दांव नहीं होता , दुकानदारी होती है। मलूक के साथ चलना हो तो जुआरी कि बात समझनी होगी। दुकानदार की बात छोड़ देनी होगी। यह दांव लगाने वालों की बात है , दीवानों क...

मीरा : मेरी यात्रा, पुस्तक का विमोचन

Image
हिन्दी साहित्य में अप्रतिम स्थान रखने वाली कवियित्री मीरा का नाम बड़े आदर और सम्मान से लिया जाता है. मीरा दर्द की दीवानी,  अपने गुरु के प्रति पूरी भक्ति भाव से भरी हुई समाज की वेदनाओं के सहते हुए एक नया आयाम स्थापित करती हैं. मीरा के साहित्य को लेकर शोध के दौरान मेरे मन में उन पर पुस्तक निकालने की योजना बनी, और उस योजना को मूर्त रूप मिला इस महीने की चार तारीख को जब मीरा मेरी यात्रा पुस्तक का विमोचन हुआ .....इस पुस्तक का विमोचन ननद किशोर राजौरा ने किया . उनके साथ – साथ इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट अथिति उपस्थित थे ....यहाँ पेश हैं कार्यक्रम की कुछ चित्रमयी झलकियाँ ....बाकी विवरण फिर ....!!!     समारोह की शुरुआत  पुस्तक का कवर पेज  पुस्तक का विमोचन   संपादिका का सम्मान  
Image
आप सभी को ये बताते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है की मेरी पुस्तक का काम लगभग पूरा होने जा रहा है . मंजू रानी शोधार्थी (दिल्ली विश्वविद्यालय) .

meera meri yatara

Image
meera meri yatra

मंजू रानी शोधार्थी (दिल्ली विश्वविद्यालय)

Image
मीरा में मेरा मन कब लग गया, ये मुझे खुद पता नही, कृष्णा से सब प्रेम करे , मीरा को कोय अन्देख करे , बिना मीरा न जाने कोई गिरिघर , नारी से पहेचाने नर को ये , कोय न रित हम शरू करे, मंजू रानी शोधार्थी (दिल्ली विश्वविद्यालय)

मीरा रानी

मीरा रानी 

पुस्तक प्रकाशन योजना

Image
बहुत जल्दी मीरा पर एक पुस्तक सम्पादित करने जा रही हूँ ....आप सभी से अनुरोध है कि मीरा पर जो लेख लिख कर देना चाहते है कृप्या जल्दी से मुझे मेरे मेल ( manjurani2015@g mail.com )  पर भेजने का कष्ट करे .... ! मंजू रानी शोधार्थी (दिल्ली विश्वविद्यालय)